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Self Help Group (SHG) क्या है और इससे कैसे जुड़ें? कहाँ संपर्क करें?

भारत में Self Help Group यानी SHG का नेटवर्क पिछले कुछ वर्षों में काफी बड़ा हुआ है। Deendayal Antyodaya Yojana–National Rural Livelihoods Mission (DAY-NRLM) के तहत जुलाई 2026 तक लगभग 92 लाख SHGs में 10.05 करोड़ ग्रामीण परिवारों को जोड़े जाने की जानकारी सरकार ने दी है। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को संगठित करके financial […]

Business Ideas for Rural Women BadteRaho

भारत में Self Help Group यानी SHG का नेटवर्क पिछले कुछ वर्षों में काफी बड़ा हुआ है। Deendayal Antyodaya Yojana–National Rural Livelihoods Mission (DAY-NRLM) के तहत जुलाई 2026 तक लगभग 92 लाख SHGs में 10.05 करोड़ ग्रामीण परिवारों को जोड़े जाने की जानकारी सरकार ने दी है। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को संगठित करके financial inclusion, livelihood और छोटे कारोबार के अवसरों तक पहुँच को मजबूत करना है।

लेकिन अब सवाल है—आप इससे जुड़ें कैसे?

आइए इसे बिल्कुल आसान भाषा में समझते हैं।


सबसे पहले समझिए, SHG क्या होता है?

Self Help Group यानी स्वयं सहायता समूह आमतौर पर महिलाओं का एक छोटा समूह होता है, जो मिलकर बचत, आपसी सहयोग और livelihood से जुड़े कामों के लिए संगठित होता है।

DAY-NRLM की व्यवस्था में SHG के बाद Village Organization (VO) और Cluster Level Federation (CLF) जैसे बड़े सामुदायिक स्तर भी होते हैं। सरकारी सामग्री में SHGs को प्राथमिक स्तर की संस्था बताया गया है, जिनमें सामान्य तौर पर 10–20 सदस्य हो सकते हैं।

लेकिन SHG को सिर्फ़ “महिलाओं का बचत समूह” समझना थोड़ा अधूरा होगा।

समय के साथ SHG से जुड़ी महिलाओं को:

  • financial literacy
  • savings और credit की जानकारी
  • bank linkage
  • livelihood activities
  • skill development
  • business और enterprise support
  • market से जुड़ने के अवसर

जैसी सुविधाओं और गतिविधियों से जोड़ा जा सकता है। DAY-NRLM में financial literacy programmes के तहत financial planning, savings, credit, insurance, pension और enterprise financing जैसे विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया जाता है।

यानी SHG का उद्देश्य सिर्फ़ पैसे जमा करना नहीं है।

यह महिलाओं को मिलकर आर्थिक रूप से आगे बढ़ने का एक प्लेटफॉर्म देने की कोशिश है।


यह कौन-सी सरकारी योजना है?

जिस सरकारी framework के तहत देशभर में बड़े स्तर पर ग्रामीण महिलाओं को SHGs से जोड़ा जा रहा है, उसका नाम है:

Deendayal Antyodaya Yojana–National Rural Livelihoods Mission यानी DAY-NRLM.

यह Ministry of Rural Development की प्रमुख rural livelihood initiatives में से एक है।

इसका focus ग्रामीण गरीब परिवारों को Self Help Groups और उनके federations से जोड़कर उनकी income और livelihood opportunities को मजबूत करना है। सरकार के अनुसार, DAY-NRLM के तहत SHGs को लंबे समय तक support देने की व्यवस्था है, ताकि महिलाएँ अलग-अलग livelihood activities और income opportunities से जुड़ सकें।

हालाँकि एक बात ध्यान रखने वाली है।

हर SHG को मिलने वाली सुविधा एक जैसी नहीं होती।

किस राज्य में कौन-सी गतिविधि, training, financial support या local programme उपलब्ध है, यह State Rural Livelihood Mission और स्थानीय व्यवस्था के अनुसार अलग हो सकता है।


SHG से कौन जुड़ सकता है?

DAY-NRLM का मुख्य focus ग्रामीण गरीब परिवारों की महिलाओं को SHGs से जोड़ना है।

इसलिए अगर आप ग्रामीण क्षेत्र में रहती हैं और आपके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है, तो अपने क्षेत्र में SHG की उपलब्धता के बारे में जानकारी लेना एक अच्छा पहला कदम हो सकता है।

सरकार की SHG mobilisation strategy का उद्देश्य यह भी रहा है कि ऐसे ग्रामीण परिवार, जो अभी तक SHG network से बाहर हैं, उन्हें existing SHGs से जोड़ा जाए या जरूरत के अनुसार नए groups बनाने की दिशा में mobilise किया जाए।

लेकिन यहाँ एक जरूरी बात है:

SHG में शामिल होने की local प्रक्रिया हर जगह बिल्कुल एक जैसी नहीं होगी।

इसलिए इंटरनेट पर किसी random website या व्यक्ति द्वारा बताए गए “registration process” को final मानने के बजाय अपने गाँव, Block और State Rural Livelihood Mission से जानकारी लेना ज्यादा सुरक्षित है।


अगर आप SHG से जुड़ना चाहती हैं तो सबसे पहले क्या करें?

सबसे आसान तरीका है कि आप अपने आसपास पहले से चल रहे SHGs के बारे में पता करें।

Step 1: अपने गाँव में पूछताछ करें

सबसे पहले अपने गाँव की महिलाओं से पूछिए:

“क्या यहाँ कोई Self Help Group चल रहा है?”

कई बार आपके आसपास की महिलाएँ पहले से किसी SHG का हिस्सा होती हैं।

आप उनसे यह भी पूछ सकती हैं:

  • समूह का नाम क्या है?
  • समूह की meeting कहाँ होती है?
  • कौन-कौन महिलाएँ इसमें शामिल हैं?
  • क्या नए सदस्य जोड़े जा रहे हैं?
  • समूह किस Village Organization से जुड़ा है?
  • Block स्तर पर किस अधिकारी या टीम से संपर्क किया जाता है?

यह सबसे आसान शुरुआत हो सकती है।


Step 2: ग्राम पंचायत से जानकारी लें

अगर आपको गाँव में कोई SHG नहीं मिल रहा या आपको समझ नहीं आ रहा कि किससे संपर्क करें, तो अपनी ग्राम पंचायत में जानकारी लें।

वहाँ आप सीधे पूछ सकती हैं:

“हमारे गाँव में DAY-NRLM या State Rural Livelihood Mission के तहत कौन-कौन से Self Help Groups चल रहे हैं और उनसे जुड़ने के लिए किससे संपर्क करना होगा?”

आपको यह भी पूछना चाहिए कि आपके क्षेत्र में SHG से जुड़े Community Resource Persons, Village Organization या Block-level mission team से कैसे संपर्क किया जा सकता है।

याद रखिए, आपको किसी complicated सरकारी भाषा में बात करने की ज़रूरत नहीं है।

बस अपनी ज़रूरत साफ़ बताइए।

“मैं SHG से जुड़ना चाहती हूँ, मुझे किससे मिलना होगा?”

इतना पूछना भी शुरुआत के लिए काफी है।


Step 3: अपने Block कार्यालय में जानकारी लें

अगर ग्राम पंचायत से पर्याप्त जानकारी नहीं मिलती, तो अगला practical step है Block स्तर पर जानकारी लेना।

DAY-NRLM जैसी व्यवस्था में Block-level teams और community institutions की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

वहाँ जाकर आप पूछ सकती हैं:

  • हमारे Block में कौन-सी SHG activities चल रही हैं?
  • मेरे गाँव में कौन-सा SHG active है?
  • क्या मैं existing SHG से जुड़ सकती हूँ?
  • अगर मेरे गाँव में SHG नहीं है तो नया group बनाने की प्रक्रिया क्या है?
  • किस Community Resource Person या mission staff से बात करनी होगी?
  • क्या कोई training या livelihood programme उपलब्ध है?

यहाँ एक फायदा यह भी है कि अगर आपको आगे bank linkage, training या livelihood activity के बारे में जानकारी चाहिए, तो आपको सही स्थानीय channel तक पहुँचाया जा सकता है।


Step 4: अपने State Rural Livelihood Mission से संपर्क करें

DAY-NRLM का implementation राज्यों के माध्यम से भी होता है। इसलिए हर राज्य में संबंधित State Rural Livelihood Mission (SRLM) महत्वपूर्ण संपर्क बिंदु है।

उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश में यह काम Uttar Pradesh State Rural Livelihood Mission (UPSRLM) के माध्यम से होता है।

UPSRLM की official website पर फिलहाल WhatsApp contact 9070804060 और email mail@upsrlm.org दिए गए हैं।

अगर आप उत्तर प्रदेश से हैं, तो आप वहाँ अपनी समस्या बताते हुए पूछ सकती हैं कि अपने जिले/Block में SHG से जुड़ने के लिए किस स्थानीय अधिकारी या संस्था से संपर्क करना चाहिए।

अगर आप किसी दूसरे राज्य से हैं, तो अपने राज्य के State Rural Livelihood Mission की official website या Rural Development Department से संपर्क करें।


क्या SHG से जुड़ने के लिए कोई online form भरना जरूरी है?

यहाँ बहुत से लोग confuse हो जाते हैं।

SHG से जुड़ने की प्रक्रिया को सिर्फ़ एक national online registration form के रूप में समझना सही नहीं है।

DAY-NRLM की व्यवस्था काफी हद तक community और state-level institutions के माध्यम से चलती है। इसलिए किसी व्यक्ति के लिए पहला practical step आमतौर पर अपने गाँव, पंचायत, existing SHG, Village Organization या Block-level mission team से जानकारी लेना है।

यानी अगर आपको कोई कहे:

“पहले मुझे ₹500 दो, मैं तुम्हारा सरकारी SHG registration करा दूँगा।”

तो तुरंत भरोसा मत कीजिए।

पहले संबंधित सरकारी office या official State Rural Livelihood Mission से verify करें।


अगर मेरे गाँव में कोई SHG नहीं है तो क्या करें?

मान लीजिए आपने गाँव में पूछा और पता चला कि आपके आसपास कोई active SHG नहीं है।

तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप कुछ नहीं कर सकतीं।

आप अपने Block-level Rural Livelihood Mission team से पूछ सकती हैं कि आपके क्षेत्र में नया SHG बनाने की प्रक्रिया क्या है।

DAY-NRLM के तहत सरकार ने नए eligible rural households को SHG movement से जोड़ने और existing groups को मजबूत करने के लिए community mobilisation का इस्तेमाल किया है। इसमें Community Resource Persons और Village Organizations जैसी संस्थाएँ महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

इसलिए ऐसे समय में सबसे जरूरी काम है:

अपने आसपास की दूसरी इच्छुक महिलाओं को खोजिए और फिर official local team से process समझिए।

खुद से कोई group बनाकर यह मान लेना कि आपको automatically सरकारी financial support मिल जाएगा, सही approach नहीं है।

पहले official process समझें।


SHG में जुड़ने के बाद क्या करना पड़ता है?

SHG से जुड़ने के बाद सिर्फ़ नाम जुड़ जाना ही पूरी कहानी नहीं है।

आपको group की meetings और activities में नियमित रूप से हिस्सा लेना पड़ सकता है।

आमतौर पर SHG में:

  • नियमित meetings होती हैं
  • members savings करते हैं
  • group records maintain किए जाते हैं
  • जरूरत के अनुसार internal lending हो सकती है
  • bank linkage की दिशा में काम किया जा सकता है
  • livelihood activities पर चर्चा होती है
  • training और government programmes की जानकारी मिल सकती है

DAY-NRLM की institutional structure में SHGs को savings, internal lending और bank credit access जैसी गतिविधियों से जोड़ा जाता है।

इसलिए अगर आप SHG से जुड़ती हैं, तो सिर्फ़ यह मत सोचिए कि “अब मुझे loan कब मिलेगा?”

पहले group को समझिए।

बैठकों में जाइए।

बचत और records को समझिए।

और फिर देखिए कि आपके लिए कौन-सी livelihood opportunity सही हो सकती है।


क्या SHG से जुड़ते ही Loan मिल जाता है?

नहीं, ऐसा मानना सही नहीं होगा।

SHG से जुड़ने और loan मिलने के बीच कई चीज़ें होती हैं।

Group की स्थिति, eligibility, bank linkage, records, credit requirement और applicable scheme guidelines के आधार पर financial support की प्रक्रिया अलग हो सकती है।

DAY-NRLM में SHGs को bank credit तक पहुँच दिलाने के लिए Bank Sakhis भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सरकारी जानकारी के अनुसार Bank Sakhis SHGs को bank account opening, documentation और loan applications जैसी प्रक्रियाओं में मदद कर सकती हैं।

इसलिए अगर कोई व्यक्ति आपसे कहे:

“SHG join करो और अगले हफ्ते ₹1 लाख पक्का मिलेगा।”

तो सावधान हो जाइए।

कोई भी loan या financial assistance guaranteed नहीं माननी चाहिए।

पहले official eligibility और प्रक्रिया समझें।


SHG में कितना पैसा मिलता है?

यह सवाल भी बहुत common है।

लेकिन इसका एक fixed answer नहीं है।

क्योंकि SHG को मिलने वाला support अलग-अलग components और eligibility के आधार पर हो सकता है।

उदाहरण के लिए, DAY-NRLM के तहत eligible SHGs के लिए Revolving Fund (RF) और Community Investment Fund (CIF) जैसी capitalization support व्यवस्था है। जून 2026 की सरकारी जानकारी के अनुसार, eligible SHGs के लिए RF ₹20,000–₹30,000 और CIF अधिकतम ₹2.50 लाख प्रति SHG तक की व्यवस्था बताई गई है।

इसके अलावा SHGs को bank credit से जोड़ने की व्यवस्था भी है।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर महिला को व्यक्तिगत रूप से इतनी रकम सीधे मिल जाएगी।

यह distinction बहुत important है।

SHG-level support, bank loan और individual enterprise financing अलग-अलग चीज़ें हो सकती हैं।


SHG से अपना छोटा Business शुरू किया जा सकता है?

हाँ, SHG का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य livelihood और enterprise opportunities को मजबूत करना भी है।

DAY-NRLM के तहत farm और non-farm दोनों तरह की livelihood activities को support किया जाता है। इसके अलावा Start-up Village Entrepreneurship Programme (SVEP) जैसे programmes के जरिए rural enterprises को भी support किया गया है।

आपके क्षेत्र और skill के अनुसार possibilities अलग हो सकती हैं।

उदाहरण के लिए:

  • handmade products
  • artificial jewellery
  • सिलाई और कपड़े
  • food processing
  • अचार-पापड़
  • handicrafts
  • dairy
  • livestock-related activities
  • agriculture-based products
  • छोटे retail या service businesses

लेकिन सिर्फ़ इसलिए कोई business शुरू न करें क्योंकि किसी और महिला ने उससे पैसा कमाया है।

पहले देखिए:

आपके पास कौन-सी skill है?

आपके इलाके में किस product की demand है?

कितना investment चाहिए?

कहाँ बेचेंगी?

कितना profit बचेगा?

यही सवाल किसी भी छोटे business के लिए important है।


दिलकश जहाँ ने SHG कैसे जॉइन किया और उन्हें क्या फ़ायदा हुआ?

इस पूरे process को समझने के लिए दिलकश जहां की कहानी एक अच्छा real-life example है।

उन्होंने SHG से जुड़ने के बाद सिर्फ़ financial support पर निर्भर रहने के बजाय handmade artificial jewellery का काम शुरू किया।

समूह की दूसरी महिलाएँ भी jewellery बनाने में शामिल रहीं और products को मेलों तक पहुँचाया गया।

यानी SHG उनके लिए सिर्फ़ एक financial connection नहीं रहा। वह सीखने, साथ काम करने और market तक पहुँच बनाने का माध्यम भी बना।

अगर आपने अभी तक उनकी पूरी कहानी नहीं पढ़ी है, तो यहाँ पढ़ सकते हैं:

👉 दिलकश जहाँ की पूरी कहानी: गरीबी से आत्मनिर्भरता तक का सफर

और यही वजह है कि SHG को समझते समय सिर्फ़ “सरकार कितना पैसा देती है?” वाला सवाल पूछना पर्याप्त नहीं है।

सही सवाल यह भी है:

“मैं इस group के साथ मिलकर अपने लिए कौन-सा sustainable काम शुरू कर सकती हूँ?”


SHG से जुड़ने के बाद अपने पैसे को कैसे संभालें?

अगर आप कोई छोटा business शुरू करती हैं, तो कमाई शुरू होना अच्छी बात है। लेकिन उसके बाद पैसे को सही तरीके से manage करना भी जरूरी है।

उदाहरण के लिए:

  • business का पैसा और घर का पैसा अलग रखें
  • रोज़ की sales और expenses लिखें
  • profit का अंदाज़ा लगाएँ
  • पूरा पैसा तुरंत खर्च न करें
  • future investment के लिए कुछ रकम बचाएँ
  • emergency के लिए अलग savings रखें

अगर आप income, expenses, savings और financial planning को आसान भाषा में समझना चाहती हैं, तो हमारा Personal Finance क्या है? कमाई, खर्च और बचत को सही तरीके से कैसे संभालें वाला article भी पढ़ सकती हैं।

और business शुरू करने के बाद अचानक कोई emergency आ जाए, तो उसके लिए अलग बचत रखना क्यों जरूरी है, यह समझने के लिए Emergency Fund क्या है और कितना पैसा बचाकर रखना चाहिए? भी उपयोगी रहेगा।


SHG से जुड़े Business में Digital Payment भी समझें

आज छोटे से छोटे business में UPI payment का इस्तेमाल बढ़ गया है।

अगर आप अपने products बेचती हैं, तो customers आपको UPI से payment कर सकते हैं। लेकिन यहाँ एक basic rule हमेशा याद रखें:

Payment receive होने की पुष्टि अपने account/app में करें।

सिर्फ़ customer के दिखाए screenshot पर भरोसा न करें।

UPI इस्तेमाल करने वालों के लिए हमने पहले ही UPI से पैसे भेजते समय इन 7 गलतियों से बचें में ऐसी common mistakes समझाई हैं।

अगर कोई fake payment, fake refund, QR scam या customer बनकर धोखा देने की कोशिश करे, तो UPI Scam से कैसे बचें? ठगी के आम तरीके और सुरक्षित रहने के उपाय भी पढ़ सकते हैं।

छोटे business के लिए यह छोटी जानकारी नहीं है।

क्योंकि मेहनत से कमाया हुआ पैसा सुरक्षित रखना भी business का हिस्सा है।


SHG से जुड़ते समय इन गलतियों से बचें

SHG से जुड़ना अच्छी शुरुआत हो सकती है, लेकिन जल्दबाज़ी में कुछ गलतियाँ नहीं करनी चाहिए।

1. बिना verify किए किसी व्यक्ति को पैसे न दें

अगर कोई खुद को सरकारी अधिकारी बताकर पैसे माँगता है, तो पहले उसकी पहचान और official process verify करें।

2. “Guaranteed loan” पर भरोसा न करें

कोई व्यक्ति सिर्फ़ SHG membership के नाम पर guaranteed loan का दावा करे तो सावधान रहें।

3. Blank documents पर sign न करें

किसी भी document को पढ़े बिना sign न करें।

जरूरत हो तो किसी भरोसेमंद व्यक्ति से समझ लें।

4. Bank details और OTP share न करें

Bank account, OTP, UPI PIN और password जैसी sensitive information किसी अनजान व्यक्ति को न दें।

5. Group records को समझें

आपके group में savings, meetings, loans और repayments का record कैसे maintain होता है, यह जानना जरूरी है।

6. सिर्फ़ loan लेने के लिए SHG join न करें

SHG का उद्देश्य सिर्फ़ loan लेना नहीं है।

यह collective savings, financial awareness, livelihood और entrepreneurship का भी platform हो सकता है।


अगर आप सच में SHG से जुड़ना चाहती हैं तो यह छोटा Checklist रखें

जब आप पंचायत या Block office जाएँ, तो ये सवाल लिखकर ले जा सकती हैं:

मेरे गाँव में कौन-कौन से SHG चल रहे हैं?

क्या नए members जोड़े जा रहे हैं?

मेरे गाँव का SHG किस Village Organization से जुड़ा है?

DAY-NRLM या State Rural Livelihood Mission के local representative कौन हैं?

क्या कोई Community Resource Person मेरी मदद कर सकती हैं?

क्या मेरे लिए कोई skill training या livelihood programme उपलब्ध है?

SHG का bank linkage कैसे होता है?

अगर मैं business शुरू करना चाहूँ तो कौन-सी सहायता उपलब्ध हो सकती है?

इन सवालों के जवाब मिलने के बाद आपको आगे का रास्ता काफी साफ़ दिखाई देने लगेगा।


अगर आप उत्तर प्रदेश में रहती हैं

उत्तर प्रदेश में SHG और rural livelihood activities के लिए Uttar Pradesh State Rural Livelihood Mission (UPSRLM) महत्वपूर्ण संस्था है।

UPSRLM की official contact information के अनुसार:

WhatsApp: 9070804060
Email: mail@upsrlm.org

अगर आप संपर्क कर रही हैं, तो अपना नाम, जिला, ब्लॉक, गाँव और अपनी ज़रूरत साफ़-साफ़ बताना बेहतर रहेगा। Official contact details बदल सकती हैं, इसलिए message भेजने से पहले संबंधित official website पर जानकारी verify कर लें।

उत्तर प्रदेश में UPSRLM के platform पर SHG, Village Organization और Cluster Level Federation जैसी community institutions का भी network दिखाया गया है।

अगर आप किसी दूसरे राज्य में रहती हैं, तो अपने राज्य के State Rural Livelihood Mission से संपर्क करें।


एक बात हमेशा याद रखें: SHG शुरुआत है, मंज़िल नहीं

Self Help Group से जुड़ना अपने आप में सफलता की guarantee नहीं है।

लेकिन यह आपको ऐसे लोगों के साथ जोड़ सकता है जिनके साथ आप सीख सकती हैं, बचत कर सकती हैं, अपने काम पर चर्चा कर सकती हैं और उपलब्ध livelihood opportunities के बारे में जानकारी हासिल कर सकती हैं।

इसके बाद असली काम शुरू होता है।

आपको अपनी skill पहचाननी होगी।

Market समझना होगा।

Business plan बनाना होगा।

पैसे का हिसाब रखना होगा।

Customers से बात करनी होगी।

और धीरे-धीरे अपने काम को बेहतर करना होगा।

यानी SHG आपको एक रास्ते तक पहुँचने में मदद कर सकता है, लेकिन उस रास्ते पर चलना आपको ही होगा।


आख़िर में एक छोटी सी बात

अगर आप किसी गाँव में रहती हैं और आपको लगता है कि आपके पास आगे बढ़ने के लिए बहुत ज्यादा resources नहीं हैं, तो शायद आपको सबसे पहले बड़े loan या बड़े business के बारे में सोचने की जरूरत नहीं है।

पहले यह पता कीजिए कि आपके आसपास कौन-सी महिलाएँ आपके साथ मिलकर आगे बढ़ सकती हैं।

फिर जानकारी लीजिए।

अपने गाँव में पूछिए।

पंचायत या Block office तक जाइए।

State Rural Livelihood Mission से संपर्क कीजिए।

और अगर आपके पास कोई हुनर है, तो यह भी सोचिए कि उसे छोटे business में कैसे बदला जा सकता है।

दिलकश जहां की कहानी हमें दिखाती है कि एक SHG से जुड़ना किसी महिला की यात्रा का सिर्फ़ एक हिस्सा हो सकता है। आगे वही महिला अपने हुनर, मेहनत और सही अवसर के साथ अपने लिए एक नई पहचान बना सकती है।

शायद आपकी कहानी की शुरुआत भी ऐसे ही किसी छोटे कदम से हो।

अगर यह जानकारी आपके लिए उपयोगी रही हो, तो इसे किसी ऐसी महिला के साथ ज़रूर शेयर करें जो SHG से जुड़ना चाहती है लेकिन उसे शुरुआत का रास्ता समझ नहीं आ रहा।


आपको ये लेख कैसा लगा, हमें कमेंट करके ज़रूर बताएँ। अगर आपके पास भी कोई लेख, कहानी या कविता है, तो आप उसे हमें badteraho@gmail.com पर भेज सकते हैं। पसंद आने पर हम आपके लेख को आपके नाम के साथ BadteRaho.Com पर प्रकाशित करेंगे।


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