मेरा नाम महक है। मेरा पसंदीदा स्थान दिल्ली में महात्मा गांधी जी का स्मारक राजघाट है। मैं वहाँ दिसंबर महीने में गई थी। जैसे ही मैं अंदर गई, मुझे बहुत शांति और सुकून महसूस हुआ। चारों तरफ हरे-भरे पेड़ थे, साफ रास्ते और ताज़ी हवा चल रही थी। वहाँ इतना सन्नाटा था कि शहर का शोर बिल्कुल सुनाई नहीं दे रहा था।
🕯️ सत्य और अहिंसा की ज्योति

काले पत्थर के मंच के पास जाने से पहले मैंने अपने जूते उतार दिए। वहाँ हमेशा एक ज्योति जलती रहती है, जो हमें गांधी जी के सत्य और अहिंसा के विचारों की याद दिलाती है।
मैं कुछ देर वहाँ खड़ी रही और उनके सादे जीवन और देश की आज़ादी के लिए किए गए कामों के बारे में सोचती रही। उस पल ने मुझे अंदर तक छू लिया।
🌇 शांति से भरा वातावरण

थोड़ी देर बाद मैं एक बेंच पर बैठ गई। लोग वहाँ फूल चढ़ा रहे थे, कुछ लोग चुपचाप प्रार्थना कर रहे थे। फूलों से सजे पुल पर टहलते हुए मैंने सुंदर Sunset देखा — वह पल मेरे लिए बहुत खास था। सूर्य की किरणें चारों तरफ फैली हुई थीं और वातावरण बहुत शांत लग रहा था।
💧 झील के किनारे का सुकून

राजघाट देखने के बाद मैं पास की झील के किनारे भी गई। वहाँ का नज़ारा तो और भी सुंदर था। झील का पानी बिल्कुल साफ था, जिसमें आसमान और पेड़ों की परछाई दिख रही थी। कुछ बच्चे वहाँ बतखों को दाने खिला रहे थे, और मैं बस मुस्कुरा रही थी। हवा में हल्की ठंडक थी और पानी की लहरों की आवाज़ बहुत सुकून दे रही थी। मैं थोड़ी देर वहाँ बैठी रही और उस शांति को महसूस करती रही।
💖 मेरे अनुभव का सार
राजघाट और झील की यह यात्रा मेरे लिए बहुत शांत और यादगार रही। वहाँ जाकर मैंने सादगी, दया और देश से प्यार करना सीखा। यह अनुभव हमेशा मेरे दिल में रहेगा।

